पृथ्वी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
🌎🌎🌎🌎🌎🌎🌎🌎🌎
धरा के नीचे पानी है,💦
हमने सुनी कहानी है।
सच है ये, नहीं कोई कहानी,
वैज्ञानिकों की खोज पुरानी।👨🏼🔬🧑🏼🔬
कल तक जो हरी भरी थी पृथ्वी,🌱🌳
आज सूखकर हो गई बंजर।
मानव ने अपने ही हाथों,
घोंप दिया है इसमें खंजर।🔪🔪
दुर उपयोग किया प्रकृति का,
कभी ना इसका मान किया।
पर्यावरण को किया प्रदूषित,
हरदम ही अपमान किया।👿👿
आज नतीजा भुगत रहे हम,
हरियाली सब खो गई है।🌆🏙️
धरती मां भी हमसे जैसे,
रूठ के नींद में सो गई है।😓😓
धरती मां को यदि जगाना है,
सबको पेड़ लगाना है।🌱🌱
हरियाली फैलाना है,
हरियाली फैलाना है।🌿🌳
🌎🌎🌎🌎🌎🌎🌎🌎🌎
हेमा अग्रवाल
तुमसर
(महाराष्ट्र)
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