''मा''
हमें तुम देवदूत सी,
हमारी शक्ति का निर्विकार एहसास कराती हो...
कामयाब संकट मोचक हो,
सब पीड़ा हर लेती हो...
हमने कभी नहीं पूछा
संध्या समय तुम्हारे
थके बुझे चेहरे का कारण,
फिर भी मुस्कुरा कर
अपनी थकान की पीड़ा
खुद ही हर लेती हो...
हमारी आहट कैसे पहचान लेती हो,
हमारे रूठने पर बार-बार मनाती हो...
हमें हमारी शक्ति का एहसास कराती हो..
"मा "
नलिनी सुरेश अग्रवाल
नागपुर