Showing posts with label झारखंड जमशेदपुर संगीता मित्तल. Show all posts
Showing posts with label झारखंड जमशेदपुर संगीता मित्तल. Show all posts

Saturday, May 28, 2022

झारखंड, जमशेदपुर,संगीता मित्तल

 *किरदार*


*मेरी निष्ठा,मेरे समर्पण के इजहार से खुशबू आये।*

*मैं चाहती हूं कि मेरे किरदार से खुशबू आये।*


 बातें करती हूँ सबसे मुस्कुरा के मगर।

दिल से किसी की बात को लगाया नहीं मैनें !।


चल रही हूं मैं दुनिया के उसूलों पर मगर ।

 ईमान कभी अपना डिगाया नहीं मैनें।।


गलतियाँ भी हुई है मुझ से बहुत सी मगर।

 किसी और को ज़िम्मेदार कभी ठहराया नहीं मैनें!।


खुशियॉं चुराकर किसी और के दामन से।

क़िस्मत को कभी अपनीं  सजाया नहीं मैनें !।


किसी का साथ मिले ना मिले ।

पर ख़ुद को सफर में थकाया नहीं मैनें !।


  दोस्त बहुत से हैं मेरे इस ज़माने में।

 दोस्ती का रिश्ता दिल से निभाया है मैनें!।


दिल में कुछ और जुबॉं पे कुछ और।

जीने का ये सलीक़ा कभी अपनाया नहीं मैनें !।


भले ही ना दी हो खुशियॉं  किसी के लबों को।

पर किसी की आँखों को  भिगोया नहीं मैनें!।


सुख, दुख के पल हों ,या उदासी के भंवर।

ख़ुद पर से विश्वास कभी हटाया नहीं मैनें !।



*दिल से लिखे इस हर एक अशआर से खुशबू आये*।

*मैं चाहती हूं कि मेरे किरदार से खुशबू आये।।*


"*किरदार*


*मेरी निष्ठा,मेरे समर्पण के इजहार से खुशबू आये।*

*मैं चाहती हूं कि मेरे किरदार से खुशबू आये।*


बातें करती हूँ सबसे मुस्कुरा के मगर।

दिल से किसी की बात को लगाया नहीं मैनें !।


चल रही हूं मैं दुनिया के उसूलों पर मगर ।

ईमान कभी अपना डिगाया नहीं मैनें।।


गलतियाँ भी हुई है मुझ से बहुत सी मगर।

किसी और को ज़िम्मेदार कभी ठहराया नहीं मैनें!।


खुशियॉं चुराकर किसी और के दामन से।

क़िस्मत को कभी अपनीं सजाया नहीं मैनें !।


किसी का साथ मिले ना मिले ।

पर ख़ुद को सफर में थकाया नहीं मैनें !।


दोस्त बहुत से हैं मेरे इस ज़माने में।

दोस्ती का रिश्ता दिल से निभाया है मैनें!।


दिल में कुछ और जुबॉं पे कुछ और।

जीने का ये सलीक़ा कभी अपनाया नहीं मैनें !।


भले ही ना दी हो खुशियॉं किसी के लबों को।

पर किसी की आँखों को भिगोया नहीं मैनें!।


सुख, दुख के पल हों ,या उदासी के भंवर।

ख़ुद पर से विश्वास कभी हटाया नहीं मैनें !।


*दिल से लिखे इस हर एक अशआर से खुशबू आये*।

*मैं चाहती हूं कि मेरे किरदार से खुशबू आये।।*



झारखंड, जमशेदपुर, संगीता मित्तल