Showing posts with label महाराष्ट्र सौ निकीता अग्रवाल. Show all posts
Showing posts with label महाराष्ट्र सौ निकीता अग्रवाल. Show all posts

Saturday, June 25, 2022

सौ निकीता अग्रवाल महाराष्ट्र

संस्कार

 

 *अच्छी बातें अपनाने को

 कहते हैं संस्कार,*

 ये भावी सुन्दर जीवन के

 बनते हैं आधार।

 होते हैं संस्कार वृक्ष की

 जैसे शीतल छाँव,

 जहाँ पहुँचकर मिलती हमको

 सच्चे सुख की ठाँव।

 

 आज मचा है दुनिया भर में

 भीषण हाहाकार,

 *इसका कारण है हम अपने

 भूल गए संस्कार।*

पु्श्तों की देन है संस्कार हमारे

ये दिए नही है जाते

ये तो मिलते है परिवारों से

न कि समाज के ठेकेदारों से।

संस्कारों की जगह ले ली है मोबाइलों ने

होती है अपने ही रिश्तेदारों की पहचान फेसबुक पे

दोस्ती, शादी और तलाक तक होती आज मोबाइलों से

संस्कार मेहंगे और रिचार्ज सस्ते हो रहे है मोबाइलों के।।

देती है मीडिया ही हमें संस्कारों का ज्ञान

यही कराती है तीज त्यौहारों से पहचान

कर देता है हर परेशानियों को आसान

इसलिए यही है नई पीढी युवा के भगवान।

पुराने जमाने में मां भर देती है

अपनी बेटी में इतना हूनर

कि मिले उसे ससुराल में बेहद प्यार

नई पीढी की मांए होती है इतनी दिलदार

ममता की बेडियां रख देती है उनके बच्चों को बिगाड कर

लाना होगा अपने बच्चों के व्यवहार में बदलाव

वक्त रहते आ जाए उनमे अच्छे संस्कार

तो होगा परिवार का ही गुणगान

और बढ़ेगा माता-पिता का अभिमान।

 

ज्ञान विज्ञान जीने का सलीका है सिखाता

संस्कार हमें अपनों से जोडना है सिखाता।

रामायण ने सिखाया कैसे निभाना है वचन

और महाभारत ने सिखाया कैसे मिलती है सजा

जब होता है मर्यादाओं का उल्लंघन।✍🏻✍🏻


सौ निकीता अग्रवाल