स्वधर्म
हाहाकार मचा रहा कोरोना,
पूरा विश्व है कांप रहा ।
विदेशों की सीमाएं लांघ,
भारत में पांव पसार रहा ।।
जाति, धर्म और बच्चे- बूढ़े,
इसे किसी का बोध नहीं ।
किसी को भी हो सकता है,
इसमें किसी का दोष नहीं ।।
इसे रोक सकती सजगता,
सावधानी और सतर्कता ।
भारत से इसे भगाना है,
हमें अपना देश बचाना है ।
जिन्होंने अपना फर्ज निभाया,
अनथक सेवा कर हमें बचाया ।।
हम भी अपना फर्ज निभाये,
इन योद्धाओं का हौसला बढ़ाये।
सम्मान करें जब लौट के आएं,
भारत की परंपरा निभाये।।"
-श्रीमती अरूणाअग्रवाल
उमंग शाखा,रायपुर
छत्तीसगढ
7470622704