औरत तेरी यही कहानी
कहीं बनी पाँव की जुती, तो कहीं बनी महारानी
*औरत तेरी यही कहानी।*
कहीं बनी माँ के रूप मे देवी तो कहीं बनी नौकरानी
*औरत तेरी यही कहानी।*
तुझसा कोई त्यागी तपस्वी नहीं यह देवों ने भी मानी
*औरत तेरी यही कहानी।*
हर रूप में तेरी पूजा होती पर इन्सान ने तेरी कदर न जानी
*औरत तेरी यही कहानी।*
सेवा की तू मिसाल है बनी पर तेरे दुखों का नहीं कोई सानी
*औरत तेरी यही कहानी।*
*मीनू अग्रवाल*"
केंसिगा ओडिशा
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