चौड़ा सीना है हर हिन्दोस्तानी का, हो रहा इन वीरों के शौर्य पर गर्व ।
अभिमन्यु के साहस को आज भी सराहा जाता हैं
गर्भ में सीखा था रणनीति वो
गुण से परिपूर्ण एसा वीर था वो ।
बड़े बड़े महारथी द्रोणाचार्य, कर्ण , दुर्योधन जैसे उसे घेर खड़े थे।
तनिक भी घबराया नहीं, वीरों की भाँति लड रहा था कदम उसने उठाया नहीं ।
झाँसी की रानी थी वो लक्ष्मी बाई भी क्या खूब लड़ी थी,
अंग्रेजों के छक्के छुड़ाये मर्दानी क्या खूब जमीं थी ।
आज भी वारों में कुछ बदला नहीं हैं
वीरों के जीवन में
त्याग और बलिदान की जीवित मूर्ति है अपने इस संसार में ।
जान हथेलियों पे लेकर लड़ते
हमारी भारत माता के आन के लिये,
सर्वस्व समर्पित कर देते जनता के
सुकून के लिये ।
जय हिंद 🙏🙏🙏
"“फ़ैशन और संस्कार”
फ़ैशन के साथ संस्कारों का भी तालमेल खूब बैठा सकते है
जींस टॉप पहन कर स्मार्ट लगने के साथ पार्टी में कभी साड़ी पहन सकते हैं
ऑफिस पे हैलो बोलना हैं तो परिवार दोस्तों में जय श्री कृष्णा को जगह दे सकते हैं
पिज़्ज़ा बर्गर कभी खायें तो दिल खोल कर घर के खाने को भी जगह दें सकते हैं
जमाने के साथ कदम से कदम मिलाना ज़रूरी है तो आँखों में शर्म और सम्मान को रख सकते हैं
जैसा चाहो वैसा जियो रोका किसने है
लेकिन वृद्धाश्रम की बढ़ती संख्या को रोक तो सकते हैं
रीना अग्रवाल
सोहेला, उड़ीसा
रीना अग्रवाल, सोहेला, उड़ीसा"