" गौ संरक्षण
ना काटो बैलों को मानव ,
कि धरती टूट जाएगी !
ये नन्दी वाहन है शिव का ,
कि भगवान रुठ जाएंगे !
ना काटो बैलों को मानव !!
समर्पण है स्वभाव इनका ,
परिश्रम की मिसाल है ये !
ये संगी साथी मानव का ,
ये जीने का भी सहारा है !
ना काटो बैलों को मानव !!
है गोवंश धरती पर वरदान ,
किया ऋषियों ने इनका गान !
है गोबर गौमूत्र सर्वोत्तम ,
कि पूजन योग्य माना है !
ना काटो बैलों को मानव !!
जूड़ा इनसे हमारा कर्म ,
जूड़ा इनसे हमारा धर्म !
तो जोड़ें क्यूं ना अपना मन ,
ये गौवंश ""कल"" हमारा है !
ना काटो बैलों को मानव !!
पुष्पा रूंगटा, चाकुलिया शाखा, झारखण्ड