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Friday, April 8, 2022

हे कृष्ण

बचाई क्यूँ लाज द्रोपदी की 

चलाया क्यूँ ना सुदर्शन चक्र

अगर,कटा होता होता दु:शाशन,दुर्योधन का अंग

 पैदा ही ना होते वे डर से कभी,

वस्त्र बढ़ाने की जगह 

दे दिया होता हथियार

सारी सभा रह जाती स्तब्ध

महाभारत शुरू ही नहीं होता

दुर्गा चंडी बन वहीँ प्यास बुझा लेती

क्यूँ नही तुमने द्रौपदी को 

अबला से सबला बना दिया 

धीरज का पाठ पढ़ा 

क्यूँ महाभारत रचा दिया 

क्यूँ महाभारत रचा दिया!"


बिनीता अग्रवाल, कलकत्ता शाखा, पश्चिम बंगाल