Tuesday, April 19, 2022

मीनू अग्रवाल केंसिगा ओडिशा

औरत तेरी यही कहानी


कहीं बनी पाँव की जुती, तो कहीं बनी महारानी 

*औरत तेरी यही कहानी।*

कहीं बनी माँ के रूप मे देवी तो कहीं बनी नौकरानी

*औरत तेरी यही कहानी।*

तुझसा कोई त्यागी तपस्वी नहीं यह देवों ने भी मानी

*औरत तेरी यही कहानी।*

हर रूप में तेरी पूजा होती पर इन्सान ने तेरी कदर न जानी

*औरत तेरी यही कहानी।*

सेवा की तू मिसाल है बनी पर तेरे दुखों का नहीं कोई सानी

*औरत तेरी यही कहानी।*

*मीनू अग्रवाल*"

केंसिगा ओडिशा

7008683034/9938892964

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