मां
मां शब्द है सबसे ऊंचा,
इसके
जैसा नहीं कोई दूजा,
कितना
प्यारा था वह पल ,
सुहाना लगता था बालों को सहलाना।
ढेरों आशीष
देकर तेरा मुस्कुराना,
नामुमकिन है उन क्षणों को भूल पाना।
मुश्किलों में, सुख दुख में राह बताना ।
अपने आंचल की छांव फैलाना।
याद
आता है वह जमाना
केसे
अदा करुं मां तेरा शुकराना।
चंचल तापड़िया🙏
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