पिताजी*
कडी
धूप में खड़ा होकर देता है ठंडी छाया,☁️🌧️
ओ शख्स और नही वह है पिता का साया।
सोचा नहीं खुद के लिए कभी,हर पल बच्चों को आगे बढ़ाया,
यही है पिता की
छत्रछाया।🙌🏻
माँ की ममता थो सभी समझें, पिता का प्यार ना समज आया।
रात दिन घर से बाहर रहकर पैसा खूब कमाया,
उन पैसो को
बच्चो पर लुटाया,फिर भी कहे बेटा बस इतना
हि कर पाया।
ऐसा जिगर पिता ने कहा से लाया❤️
किस्मत वाले है वो जिनके घर है पिता का साया।🙌🏻
सौ हेमा गट्टानी
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