Saturday, May 28, 2022

झारखंड, गिरिडीह, तुलिका सरावगी

 मातृ दिवस पर विशेष 

बच्चो के मुख से

आज मेरा 6 साल का पोता अद्वित मेरे पास खेल रहा था, 

खेल खेल में मैने उसे पुछा, बेटा बडे होकर तुम क्या बनोगे!!!!

उसने बडे मासूमियत से हाजिर जवाब दिया

 '''''कुछ नहीं बनूँगा, मै बडे होकर आराम करूँगा। 

मैने बहुत विस्मित होकर पुछा ''

''क्यूँ ?

तो उसने पुन: जवाब दिया: क्यूँकि अभी तो मुझे आराम करने का वक्त ही नहीं मिलता,

सुबह से मेरी मम्मा मुझे स्कूल फिर ट्यूसण,

डांस टीचर ड्रॉइंग टीचर आ जाते हैं और मै थक जाता हूँ,

एक मिनट भी आराम करने का वक्त ही नहीं मिलता।

बाल सुलभ मुख से सहज भाव से बोली बाते मेरे हृदय को छू गई।


 झारखंड, गिरिडीह, तुलिका सरावगी 

8th May 2022

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