Saturday, April 9, 2022

पहली बेटी

दूसरी बार गर्भवती थी मे|

पहली बेटी को जन्म दिया था मैंने,

इस बार बेटे की आने की खुशी मुझ पर भारी थी। 


मन ही मन मुस्कुराती थी मे, 

सोच के बेटा खुश हो जाति थी मे। 

पर मेरे गर्व मे पल रही थी बेटी,

जांच से पता लगाया था मैंने।

फिर क्या था, डॉक्टर ने पूछा,करना है क्या इसका कोई उपाय, 

काप उठी मैं, सिहर उठी मे, नहीं होगा मुझसे यह खोर अन्याय, 

लाऊंगी इसको दुनिया मै,

खुशियां दुंगी इसे हज़ार,

ममता का हक है इसका भी, 

जाऊंगी वारी इसपर भी।

खुसी से मन भर आया, 

हाथो मै जब नन्ही परी

 तेरा हाथ आया।"


"*हमारे प्रिय प्रधानमंत्री*

संस्कार और संस्कृति का मेल है मोदी।

मानवता, स्वछता का पाठ पढ़ाते मोदी। 

पर्यावरण की चिंतन करते,

गंगा किनारे निर्मल धारा को बहते मोदी। 

राष्ट्र चेतना का घर घर संदेशा देते मोदी।

देश पर आई जब भी कोई आंच, नही रुकी बंदूक की गोली,

हमारी सेना को तैयार करते मोदी।

सादा सा जीवन जीते और सबको सिखाते राम मंदिर हो,

या हो गुरुद्वारा, या फिर हो मस्जिद मै चादर चढ़ाते मोदी। 

अपने जन्मदिन पर कभी नहीं भूले, मां का आशीष लेते मोदी। 




रिया गोयल, सृजन शाखा कटक, उड़ीसा. 

No comments:

Post a Comment