सुंदर सोच सुंदर शब्द
रखोगे सोच सुंदर तो,
शब्द निकलेंगे सुंदर ही।
प्यार होगा सोच में तो,
नफरत के शब्द निकलेंगे क्योंॽ
शब्दों में ताकत है कितनी,
हम समझेंगे इनके प्रयोग से।
उचित शब्दों का करें प्रयोग,
शब्दों का करें उचित प्रयोग।
शब्द ही मिठास लाते रिश्तों में,
शब्द ही छलनी कर देते दिल में ।
शब्द हैं प्रतिबिंब सोच के ,
शब्द ही है आधार सोच के ।
गंदी सोच कभी रखना नहीं,
शब्दों को गर रखना है सही।
सुंदर शब्द संवारेंगे जीवन,
सुंदर शब्द ही संवारेंगे अमन ।
ना काटो बैलों को मानव ,
कि धरती टूट जाएगी !
ये नन्दी वाहन है शिव का ,
कि भगवान रुठ जाएंगे !
ना काटो बैलों को मानव !!
समर्पण है स्वभाव इनका ,
परिश्रम की मिसाल है ये !
ये संगी साथी मानव का ,
ये जीने का भी सहारा है !
ना काटो बैलों को मानव !!
है गोवंश धरती पर वरदान ,
किया ऋषियों ने इनका गान !
है गोबर गौमूत्र सर्वोत्तम ,
कि पूजन योग्य माना है !
ना काटो बैलों को मानव !!
जूड़ा इनसे हमारा कर्म ,
जूड़ा इनसे हमारा धर्म !
तो जोड़ें क्यूं ना अपना मन ,
ये गौवंश ""कल"" हमारा है !
ना काटो बैलों को मानव !!
- स्वरचित
पुष्पा रूंगटा चाकुलिया शाखा झारखण्ड प्रान्त 9304610371
No comments:
Post a Comment