Saturday, June 25, 2022

किरण मखारिया नागपुर

मां को शब्दों में बयां नहीं कर सकते,

फिर भी सभी शब्दो को एक माला में पिरोकर एक छोटी सी कोशिश...

 

मां के रहते कोई गम नहीं होता,

दुनिया में कोई साथ न दे,

पर मां का साथ एक क्षण नहीं छूटता...

 

तुम हो तो मैं हूॅं,

तुम से ही है वजूद मेरा..

 

तुम ही हो पहचान मेरी,

मां तुमसे दुनिया सारी..

 

तुम हो कितनी प्यारी,

मां के चरणों में है स्वर्ग..

 

मां का आशीर्वाद जो मिल जाए,

तो घर बैठे हो जाए चारो धाम...

 

किरण मखारिया

नागपुर

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