खुशी और गम
खुशी और गम
दोनों है जिंदगी के दस्तूर
हर इंसान के जीवन में
दोनों आते हैं जरूर।
कभी तो हम मिलते हैं
ऐसे हो जाते हैं
खुशियों से भरपूर
कभी ऐसा ही होता है
वह हो जाता है गमों से चूर।
मगर आज एक ऐसा
वक्त है आया
खुशी और गम
दोनों को साथ पाया।
हम खुशी मनाएं या हो गमगीन
हमें कुछ समझ नहीं आया।
दिल का टुकड़ा नजरों से
दूर होकर जा रहा था
सात समंदर पार।
ऐसे में दिल की वेदना
निकलने को हो रही थी बेकरार।
दूसरी तरफ मन में हो रहा था
नई आशाओ का संचार
जिंदगी का एक सपना
हो रहा था साकार।
सफलताओं के लिए
खुल रहा था एक नया द्वार।
जिस पल को पाने का लोग
करते हैं जिंदगी भर इंतजार
वह पल बाहें फैलाए खड़ा था हमारे लिए तैयार।
ऐसे में हमने फैसला लिया
इसी में ही सार
अगर पानी है खुशियां
तो गमों को भी सहना पड़ेगा।
क्योंकि कांटों से डरने वाले
गुलाब नहीं पाया करते
जिंदगी में ऐसे मौके
हमेशा नहीं आया करते।
हमेशा नहीं आया करते।
बेटी का जन्मदिन
मेरी जिंदगी का अहम दिन है आज,
नन्ही गुड़िया गोद में आई थी आज।।
नाजुक सी परी मेरे घर आई थी,
रोशनी बन के आसमां पे छाई थी।
खुशबू से महकता हमारा घर बार ,
तुम्हारे होने से ही पूरा हुआ हमारा परिवार।
मेरी जिंदगी का अहम दिन है आज,
नन्ही गुड़िया गोद में आई थी आज।।
कितने सपने और अरमान संजोए,
भाइयों के हाथ खाली न रहे राखी के लिए।
भाभियों की आंखों का तारा दिल की जान ,
खुश रहे सदा ऐसा संजोती रहती अरमान।
मेरी जिंदगी का अहम दिन है आज,
नन्ही गुड़िया गोद में आई थी आज।।
मां करती है बात बेटी के लाड प्यार की ,
पापा खुशियां देना चाहते हैं पूरे संसार की।
बेटी नहीं बेटा से कम यह बात समझ आ जाएगी,
बेटा एक घर की लाज बेटी दो घर संभालेगी।
मेरी जिंदगी का अहम दिन है आज,
नन्ही गुड़िया गोद में आई थी आज।।
सरला बजाज गोलाघाट शाखा ( आसाम)
-सरला बजाज ,गोलाघाट, असम.
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