Saturday, April 30, 2022

कविता शर्मा चाईबासा झारखंड

 "नारी


जमाना बदला है दौर बदला है।

महिलाओं का हक और हौसला बदला है।

नहीं अब नारी किसी के आधीन।

अपने लिए जीना अपनी खुशी के लिए लड़ना 

वर्तमान युग की नारी की है पहचान.


बहुत कुछ बदला बहुत बदलना अभी बाकी है

संकुचित विचार संकीर्ण मानसिकता अब भी नारी को जंजीर से जकड़ी है.


जिस सम्मान और अधिकार की हकदार है

वह मिलना अभी बाकी है.


दूर है मंजिल अभी मीलों का सफर बाकी है.

स्वयं के अधिकारों के प्रति सजगता.

स्वयं के हित के लिए लानी होगी जागरूकता"


-कविता शर्मा चाईबासा झारखंड

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