Saturday, April 23, 2022

अनिता डोकानिया, जयनगर, बिहार

 मत करो अच्छाई व शान्ति को  खत्म

"मत करो अच्छाई व शान्ति को  खत्म,                                         

मत दो इन्सानियत व बेगुनाहो को जख़्म।

 आग से आग बुझा सकते हो क्या?   

 दुषित दुर्गंध में सांस ले सकते हो क्या?                                      

 एक बात समझ नहीं आती है ये हिंसा क्यूँ हो जाती है,

रात अंधेरी होने पर मानवता क्यूँ सो जाती है।                 

खुदा तो तुम्हारे कर्म में है,  खुदा तो मानव धर्म में है।

 मत फैलाओ समाज में आतंक व हिंसा जो तेरा नाश कर देगी ,

 मत करो कूरता इतनी की धरती की छाती तेरा बोझ उठाने से इन्कार कर देगी।


अनिता डोकानिया, जयनगर, बिहार

9934949669


No comments:

Post a Comment