Saturday, April 23, 2022

सुमन शर्मा, शिवसागर, असम

 "धरती का श्रृंगार ""पर्यावरण""


स्वच्छ पर्यावरण, स्वस्थ पर्यावरण 

धरती का श्रृंगार है ये आवरण।

इस आवरण के आंचल तले फलते पेड़ पौधे अनंत,

गोद में इसकी विचरते अनेकों जीवन और मरण।

नदी तालाब झील और झरने, 

शीतलता के ये अनमोल गहने। 

फूल पत्ते, बाग बगीचे रंगों की छटा बिखराए। 

पेड़ पौधे झूम झूम कर सांसों की सरगम सुनाए ।

ऊँचे पर्वत, विशाल मैदान, 

अन्नदाता हैं ये खेत खलिहान ।

पर्यावरण से ही हमारा पोषण,

इस अनमोल रत्न का ना हो शोषण। 

संरक्षण इसका दायित्व हमारा,

जीवन तभी सुरक्षित है सारा। 

स्वच्छ आवरण और उन्मुक्त वातावरण ,

धरती को मिले स्वस्थ पर्यावरण।"


सुमन शर्मा, शिवसागर, असम 9435516564

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